ऑफिस में लैपटॉप
लंबे कार्यदिवस (long workdays) में स्प्रेडशीट और ईमेल पढ़ते समय, बीच-बीच में स्क्रीन से नजर हटाना और पानी पीना।
कार्यालयों, सह-कार्य स्थानों (coworking), विश्वविद्यालयों, ऑनलाइन कक्षाओं और लंबी यात्रा के दौरान अपनी स्क्रीन की आदतों को समझना। हम आपको बताएंगे कि कैसे अपनी सुविधा के अनुसार गतिविधि बदलना एक अच्छी दिनचर्या का हिस्सा है।
इन कार्यों को हम किसी "नेत्र व्यायाम" या चिकित्सा के रूप में नहीं देखते, बल्कि सामान्य आदतों के रूप में देखते हैं।
लंबे कार्यदिवस (long workdays) में स्प्रेडशीट और ईमेल पढ़ते समय, बीच-बीच में स्क्रीन से नजर हटाना और पानी पीना।
दिल्ली मेट्रो या मुंबई लोकल की भीड़भाड़ में व्हाट्सएप संदेश पढ़ना। यहाँ भी कभी-कभी फोन को जेब में रखकर आसपास देखना आरामदायक हो सकता है।
लगातार वीडियो कॉल या कोचिंग क्लासेज के दौरान अपनी मुद्रा (posture) बदलना और कुछ पलों का ठहराव लेना।
विश्वविद्यालय की पढ़ाई या PDF पढ़ते समय फॉन्ट बड़ा रखना ताकि झुकना न पड़े।
यह कोई तय मिनटों का नियम नहीं है, बल्कि अपनी सुविधा के अनुसार कुछ कदम टहलना है।
शाम को स्ट्रीमिंग के बाद हल्की रोशनी में विश्राम करना और स्क्रीन से दूरी बनाना।
लगातार एक ही काम करने के बजाय, बीच में उठकर कोई अन्य हल्का काम करें।
अपनी सुविधा के अनुसार स्क्रीन की ब्राइटनेस सेट करें, जो न बहुत तेज हो न बहुत कम।
ज़ूम इन करें ताकि आपकी आँखें और गर्दन आरामदायक स्थिति में रहें।
इंटरनेट की दिनचर्या को सार्वभौमिक नियम न मानें। अगर आपको कोई असुविधा है, तो डॉक्टर से सलाह लें।
याद रखें: डिजिटल दिनचर्या हर व्यक्ति के समय, यात्रा, रोशनी, काम की जगह और निजी सुविधा के अनुसार अलग हो सकती है। हम कोई विशिष्ट समय-सारणी, अनिवार्य मिनट या दोहराव (repetitions) की सलाह नहीं देते हैं।
यह सामग्री केवल सामान्य शैक्षिक और जीवनशैली जानकारी के उद्देश्य से है। यह दृश्य निदान, उपचार, चिकित्सीय अभ्यास, घर पर दृष्टि परीक्षण, व्यक्तिगत योजना, चश्मे या कॉन्टैक्ट लेंस की सलाह, आई ड्रॉप, विटामिन या सप्लीमेंट की सिफारिश नहीं देती। यह नज़र सुधारने, दृष्टि वापस लाने, नज़र बनाए रखने, आँखों की रक्षा करने, डायोप्टर कम करने, मायोपिया या अन्य दृश्य समस्याओं को रोकने, या किसी योग्य पेशेवर की जाँच की जगह लेने का वादा नहीं करती।